Education
Education: बेसिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
Education: जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, बच्चों के नामांकन में वृद्धि करने और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया, जिसमें विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति, और समर कैंप के सफल आयोजन शामिल हैं।
विद्यालयों का निरीक्षण और शिक्षण व्यवस्था में सुधार
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बेसिक के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, उनका स्पष्टीकरण जारी किया जाए। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बना रहे और शिक्षकों की उपस्थिति व शिक्षण कार्य ठीक से हो। उन्होंने ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया।
नामांकन वृद्धि और कस्तूरबा बालिकाओं का भविष्य
बच्चों के नामांकन की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से आठवीं पास करने वाली सभी बालिकाओं का शत-प्रतिशत अगली कक्षा में नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उनका कहना था कि ये बालिकाएं खाली न बैठें और उनका कहीं न कहीं पंजीकरण अवश्य हो जाए, ताकि वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
शिक्षकों और कर्मचारियों की जवाबदेही
जिलाधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत से कम छात्र उपस्थिति वाले विद्यालयों की समीक्षा की जाए और उपस्थिति सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने एआरपी (Academic Resource Person) के चयन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार लाया जा सके।
बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने क्रिटिकल गैप्स के अंतर्गत फर्नीचर की आपूर्ति पूर्ण होने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया लंबित होने और अन्य कार्यों में टेंडर प्रक्रिया अपूर्ण होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और डीसी सिविल तथा अकाउंटेंट का वेतन रोकने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई लापरवाही के प्रति जिलाधिकारी की शून्य-सहिष्णुता नीति को दर्शाता है।
विद्यालयों का कायाकल्प और गुणवत्तापूर्ण निर्माण
जिलाधिकारी ने कायाकल्प योजना के तहत सभी पैरामीटर में शत-प्रतिशत कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में रंगाई-पुताई, शौचालय, वॉल पेंटिंग और बाउंड्रीवॉल सहित सभी सुविधाएं दुरुस्त होनी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों के पुनर्निर्माण कार्य को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि निर्माण कार्य सुंदर और आकर्षक होना चाहिए, और मानकों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कार्य में तेजी लाने और उसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया।
समर कैंप का सफल आयोजन और बच्चों का सर्वांगीण विकास
जिलाधिकारी ने आगामी समर कैंप के आयोजन को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि समर कैंप का आयोजन ठीक ढंग से हो और अलग-अलग दिनों में सभी गतिविधियां कराई जाएं। इसके लिए एक बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें सामान्य ज्ञान, अनुशासन, शिष्टाचार, संगीत, गेम्स, सुविचार और महापुरुषों के बारे में भी बताया जाए। यह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि 10 जून को समर कैंप के समापन पर बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। जो बच्चे अच्छा प्रदर्शन करें, उन्हें चिन्हित कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए। यह बच्चों को प्रोत्साहित करेगा और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देगा।
निपुण भारत मिशन पर विशेष ध्यान
बैठक में निपुण भारत मिशन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाए और एआरपी इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने निपुण की प्रतिशतता बढ़ाने के लिए कार्य करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चों में मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान का विकास हो सके।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक अमरेन्द्र प्रताप, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी की इस समीक्षा बैठक से बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यप्रणाली में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।
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