हम में से ज़्यादातर लोग ज़िंदगी के किसी न किसी मोड़ पर ये सोचते हैं — “लोग क्या कहेंगे?” यही एक सोच है जो हमारे कदमों...
राहुल एक आम इंसान था। सुबह ऑफिस, शाम को घर, और बीच में मोबाइल-लैपटॉप की दुनिया। ज़िंदगी बस यूँ ही निकल रही थी। लेकिन एक दिन...