“जिसकी जैसी नीयत है… वो वैसी कहानी रखता है। कोई परिंदों के लिए बंदूक, तो कोई पानी रखता है।” यह पंक्तियाँ सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि जीवन...
ज़िंदगी हमेशा वैसी नहीं होती जैसी हम चाहते हैं। कभी चादर छोटी पड़ जाती है, कभी तकिया कठोर निकल आता है, और कभी बिस्तर ही गायब।...