आज की दुनिया में “शक” करना सबसे आसान काम बन चुका है। किसी की नीयत पर, किसी की मेहनत पर, किसी की सफलता पर — लोग...
ज़माना बदल गया है। कभी शराफ़त का मतलब था — सादगी, ईमानदारी और साफ़ दिल। लेकिन अब? अब जो दिखने में शरीफ़ लगता है, उसके अंदर...
कहते हैं — “तारीफ़ किए बिना कोई खुश होता नहीं, और झूठ बोले बिना किसी की तारीफ़ होती नहीं।” यह पंक्ति आज की हकीकत को बखूबी...
जीवन में हर कोई कभी न कभी ग़लतफ़हमी का शिकार होता है — चाहे वो परिवार में हो, दोस्ती में, प्रेम संबंध में या ऑफिस के...