ज़िंदगी हमेशा वैसी नहीं होती जैसी हम चाहते हैं। कभी चादर छोटी पड़ जाती है, कभी तकिया कठोर निकल आता है, और कभी बिस्तर ही गायब।...
आज की दुनिया में “शक” करना सबसे आसान काम बन चुका है। किसी की नीयत पर, किसी की मेहनत पर, किसी की सफलता पर — लोग...
ज़माना बदल गया है। कभी शराफ़त का मतलब था — सादगी, ईमानदारी और साफ़ दिल। लेकिन अब? अब जो दिखने में शरीफ़ लगता है, उसके अंदर...
कहते हैं — “तारीफ़ किए बिना कोई खुश होता नहीं, और झूठ बोले बिना किसी की तारीफ़ होती नहीं।” यह पंक्ति आज की हकीकत को बखूबी...