धर्म
शारदीय नवरात्रि 2026: पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा, पर्वतराज हिमालय की पुत्री से होती है नौ दिनों के महापर्व की शुरुआत
शारदीय नवरात्रि 2026: आज से शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो गया है। चारों ओर गूँजते जयकारों और मंत्रों के बीच भक्तों ने आज प्रथम देवी माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। सुबह से ही देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
कलश स्थापना के साथ हुआ शक्ति का आह्वान
नवरात्रि के पहले दिन का विशेष महत्व कलश स्थापना (घटस्थापना) से होता है। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ कलश स्थापित कर अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई। शास्त्रों के अनुसार, कलश को ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता है और इसकी स्थापना के बिना नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है।
कौन हैं माँ शैलपुत्री?
माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप ‘शैलपुत्री’ है। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा।
- स्वरूप: माँ के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित है।
- सवारी: इनका वाहन वृषभ (बैल) है, जिस कारण इन्हें ‘वृषारूढ़ा’ भी कहा जाता है।
- महत्व: यह सती के नाम से भी जानी जाती हैं और इनके पूजन से जीवन में स्थिरता और दृढ़ता आती है।
पूजा विधि और प्रिय भोग
आज के दिन भक्तों ने माँ को उनका प्रिय भोग शुद्ध देसी घी अर्पित किया। मान्यता है कि माँ शैलपुत्री को गाय का घी चढ़ाने से आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पूजा के दौरान भक्त इस मंत्र का जाप कर रहे हैं:
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब
प्रदेश के माँ शैलपुत्री मंदिर और अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फूलों और बिजली की झालरों से सजे पंडालों में सुबह की आरती के साथ ही उत्सव का माहौल बन गया है। इस वर्ष नवरात्रि पूरे नौ दिनों की है, जो भक्तों के लिए बेहद शुभ मानी जा रही है।
-
Latest News7 months agoजीवन बदलने वाले 5 सबक, जो हम भूल जाते हैं
-
धर्म8 months agoसावन के अंतिम सोमवार को कैसे करें शिव की पूजा, सम्पूर्ण विधि
-
Latest News9 months agoवृंदावन: बांके बिहारी मंदिर के अलावा भी ये हैं दर्शनीय स्थान
-
Latest News7 months ago2025 का नया ट्रेंड: Quiet Life Movement क्यों लोग अब सुकून को मान रहे हैं असली लग्ज़री?
