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शीतलहर एवं ठंड से बचाव हेतु जारी एडवाइजरी

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भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में ठंड एवं घने कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। शीतलहर की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों की सुरक्षा हेतु शीतलहर एवं अत्यधिक ठंड से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि ठंड के मौसम में सतर्कता एवं आवश्यक सावधानियाँ अपनाकर शीतलहर के दुष्प्रभाव से स्वयं को एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय रेडियो, समाचार पत्र, टीवी एवं मोबाइल फोन के माध्यम से मौसम की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करते रहें।

ठंड से बचाव हेतु सामान्य निर्देश

कोयले की अंगीठी, मिट्टी के तेल का चूल्हा, हीटर अथवा ब्लोवर का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें। कमरे में वेंटिलेशन अवश्य बनाए रखें ताकि जहरीली गैस या धुएँ का जमाव न हो। सोते समय सिगड़ी, अलाव अथवा अंगीठी को पूरी तरह बुझाकर ही सोएं तथा बंद कमरों में इन्हें जलाने से बचें।

शरीर को सूखा रखें एवं गीले कपड़े तुरंत बदल लें। कई परतों वाले गर्म कपड़े जैसे ऊनी स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर एवं दस्तानों का प्रयोग करें। यदि ऊनी कपड़े उपलब्ध न हों तो सामान्य कपड़ों की दो–तीन परतें पहनकर भी ठंड के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

अत्यधिक ठंड के दिनों में यदि घर में अलाव की सुविधा न हो तो प्रशासन द्वारा चिन्हित सामुदायिक केंद्रों एवं आश्रय स्थलों पर जाएँ, जहाँ अलाव की व्यवस्था की गई है।

विशेष सावधानियाँ

अत्यधिक ठंड एवं कोहरे की स्थिति में छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को यथासंभव घर के अंदर रखें। शरीर की ऊष्मा बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार एवं गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। धूप निकलने पर धूप सेंकना शीतलहर से बचाव में सहायक होता है।

हाइपोथर्मिया के लक्षण जैसे शरीर का असामान्य तापमान, भ्रम, स्मृति हानि, अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती, थकान या तुतलाहट दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। इसी प्रकार शीतदंश के लक्षण जैसे हाथ-पैर की उंगलियों, कान या नाक में सुन्नता या सफेद/पीले धब्बे दिखने पर भी तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।

अपने आस-पास अकेले रहने वाले व्यक्तियों, विशेषकर बुजुर्गों की जानकारी रखें एवं किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।

पशु-पक्षियों की सुरक्षा

पालतू पशुओं एवं पक्षियों के बाड़ों को ठंड से बचाने के लिए खिड़की-दरवाजों को ढककर रखें, साथ ही वेंटिलेशन हेतु पर्याप्त खुला स्थान अवश्य छोड़ें।

असहाय व्यक्तियों हेतु सहायता

यदि कोई निराश्रित, असहाय, विकलांग, बीमार अथवा मानसिक रूप से असक्षम व्यक्ति ठंड से प्रभावित दिखाई दे, तो संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल के माध्यम से निःशुल्क कंबल उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

शीतलहर से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश

शीतलहर से पहले क्या करें

  1. रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान की जानकारी रखें।
  2. पर्याप्त गर्म कपड़े एवं कई परतों वाले वस्त्र पहनें।
  3. आपातकालीन आवश्यक सामग्री पहले से संग्रहित रखें।
  4. ठंड के कारण होने वाली बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम, फ्लू या नाक से खून आने की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।

शीतलहर के दौरान क्या करें

  1. प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों एवं सलाह का पालन करें।
  2. यथासंभव घर के अंदर रहें एवं अनावश्यक यात्रा से बचें।
  3. ढीले, हल्के एवं विंडप्रूफ ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें।
  4. सिर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को अच्छी तरह ढककर रखें।
  5. दस्तानों, टोपी एवं मफलर का प्रयोग अवश्य करें।
  6. विटामिन-सी युक्त फल एवं सब्जियों का सेवन करें।
  7. नियमित रूप से गर्म तरल पेय पदार्थ पिएं।
  8. त्वचा को सूखा एवं सुरक्षित रखने हेतु बॉडी क्रीम या पेट्रोलियम जेली का प्रयोग करें।
  9. बुजुर्गों, बच्चों एवं अकेले रहने वाले व्यक्तियों की विशेष देखभाल करें।
  10. गैर-औद्योगिक भवनों में गर्मी-रोधी (इंसुलेशन) दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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