Sarkari Yojna
जल जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान की प्रगति की समीक्षा
अमरोहा, 10 जून, 2025 – आज अमरोहा में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स भी उपस्थित थीं। बैठक का मुख्य उद्देश्य जल जीवन मिशन की “हर घर जल” योजना, मध्य गंगा नहर निर्माण खंड-2 की प्रगति और जल शक्ति अभियान के अंतर्गत “कैच द रेन” कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा करना था।
जल जीवन मिशन और भूजल प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक के दौरान, श्री अमित शुक्ला ने जल जीवन मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि कितनी परियोजनाएं चल रही हैं, कितनी लंबित हैं, कितनी पूरी हो चुकी हैं, और कितनी धनराशि के अभाव में अधूरी हैं। संयुक्त सचिव महोदय ने प्लंबर और फिटर के प्रशिक्षण की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिले में हर जगह पानी की गुणवत्ता की जांच और उसकी टेस्टिंग रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भूजल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हुए, श्री शुक्ला ने कृषि में भूजल के उपयोग, उपलब्ध भूजल स्रोतों, पानी की आवश्यकता और जल रिचार्ज की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने ब्लॉक-वार पानी की जरूरत का आकलन करने और उसके अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। यह दर्शाता है कि सरकार न केवल जल उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि उसके स्थायी प्रबंधन और संरक्षण पर भी जोर दे रही है।
मध्य गंगा नहर और “कैच द रेन” की प्रगति
मध्य गंगा नहर निर्माण परियोजना चरण-2 की स्वीकृति के संबंध में भी समीक्षा की गई। अधीक्षण अभियंता, अलीगढ़, बिजनौर, संभल, मेरठ और रुड़की से संबंधित जानकारी ली गई। पीपीटी के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी ली गई और लक्ष्य के सापेक्ष परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। संयुक्त सचिव महोदय ने विशेष रूप से छोटे-छोटे कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया।
“कैच द रेन” अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी अवर अभियंता, लघु सिंचाई से ली गई। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक गतिशीलता (कम्युनिटी मोबिलाइजेशन) में किए जा रहे कार्यों से संबंधित तीन महीने की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वृक्षारोपण और दीर्घकालिक कार्य योजना
श्री अमित शुक्ला ने मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण की जानकारी ली और वृक्षारोपण में स्थानीय प्रजातियों को शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी कार्य दीर्घकालिक दृष्टिकोण (लॉन्ग टर्म) के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पांच साल की कार्य योजना बनाकर उसके अनुसार सही दिशा में धनराशि का प्रयोग करने के निर्देश दिए। यह निर्देश सतत विकास और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर निदेशक सी.डब्ल्यू.सी. श्री गोबर्धन प्रसाद, विशेषज्ञ श्री रहमान जी, मुख्य विकास अधिकारी श्री अश्वनी कुमार मिश्र, पी.डी.डी.आर.डी.ए. श्री अमरेन्द्र प्रताप, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधीक्षण अभियंता, मध्य गंगा नहर निर्माण खंड-2 के बुलंदशहर, अलीगढ़, मेरठ, बिजनौर, रुड़की, मुरादाबाद, संभल सहित अन्य विभागों के अधिकारी और संबंधित लोग उपस्थित रहे।
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