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Haridwar: हर की पौड़ी से राजाजी नेशनल पार्क तक
Haridwar: हरिद्वार, उत्तराखंड का धार्मिक और पर्यटन केंद्र, भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी आध्यात्मिक महिमा और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। गंगा किनारे बसा यह पवित्र शहर तीर्थयात्रियों, प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बन चुका है।
1. हर की पौड़ी – गंगा आरती का दिव्य अनुभव
Haridwar की पहचान मानी जाने वाली हर की पौड़ी, गंगा स्नान और शाम की आरती के लिए प्रसिद्ध है। सूरज ढलते ही दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार का दृश्य यहां आने वालों के दिल में बस जाता है।
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2. चंडी देवी मंदिर – रोपवे की सवारी के साथ आस्था की यात्रा
नील पर्वत की चोटी पर स्थित यह मंदिर मां चंडी को समर्पित है। यहां तक पहुंचने के लिए रोपवे का अनुभव बेहद रोमांचक है और ऊपर से हरिद्वार का विहंगम नजारा दिखता है।
3. मानसा देवी मंदिर – श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी करने वाली देवी
शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर भी रोपवे से पहुंचा जा सकता है। माना जाता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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4. राजाजी नेशनल पार्क – वन्यजीव प्रेमियों के लिए स्वर्ग
हाथी, बाघ, हिरण और सैकड़ों पक्षियों के बीच सफारी का अनुभव यहां पर्यटकों को अलग ही आनंद देता है। यह पार्क Haridwar के पास प्रकृति के करीब समय बिताने का बेहतरीन मौका देता है।
5. नीलकंठ महादेव मंदिर – आध्यात्मिक शांति का केंद्र
Haridwar से थोड़ी दूरी पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और हरे-भरे जंगलों के बीच बसा है।
घूमने का सबसे अच्छा समय
अगस्त से अक्टूबर और मार्च से मई का समय हरिद्वार घूमने के लिए सबसे उपयुक्त है। इस दौरान मौसम सुहावना होता है और गंगा घाटों पर भीड़ कम होती है।
रोमांच और प्रकृति का संगम
अगर आप आध्यात्मिकता, रोमांच और प्रकृति का संगम एक साथ महसूस करना चाहते हैं, तो Haridwar की ये जगहें आपके सफर को अविस्मरणीय बना देंगी।
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